ETF (Exchange Traded Funds) ट्रेडिंग क्या होती है?

राजेश पालशेतकर
0


ETF (Exchange Traded Funds) ट्रेडिंग
एक प्रकार का निवेश होता है जिसमें निवेशक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड ETF यूनिट्स को खरीद और बेच सकते हैं। ETF को एक म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार के मिश्रण के रूप में देखा जा सकता है।

ETF क्या होता है?

ETF एक ऐसा फंड होता है जो कई स्टॉक्स, बॉन्ड्स, कमोडिटीज या अन्य एसेट्स का संग्रह होता है। ये फंड स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होते हैं और उनकी कीमत पूरे दिन बदलती रहती है, जैसे किसी साधारण स्टॉक की होती है।

ETF ट्रेडिंग कैसे काम करती है?

  1. खरीद और बिक्री – निवेशक ETF को शेयर बाजार में स्टॉक्स की तरह खरीद और बेच सकते हैं।
  2. रियल-टाइम प्राइसिंग – म्यूचुअल फंड्स की तरह दिन के अंत पर NAV (Net Asset Value) तय नहीं होती, बल्कि ETF की कीमत बाजार में पूरे दिन बदलती रहती है।
  3. लिक्विडिटी – ETF को तुरंत खरीदा या बेचा जा सकता है, जिससे इसमें बेहतर लिक्विडिटी मिलती है।
  4. कम लागत – ETF की मैनेजमेंट फीस और एक्सपेंस रेशियो म्यूचुअल फंड्स की तुलना में कम होती है।
  5. डायवर्सिफिकेशन – ETF एक ही यूनिट में कई स्टॉक्स या बॉन्ड्स का समूह होता है, जिससे जोखिम कम होता है।

ETF के प्रकार

  1. इक्विटी ETF – यह स्टॉक्स के समूह को ट्रैक करते हैं, जैसे Nifty 50 ETF, Sensex ETF
  2. बॉन्ड ETF – ये सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में निवेश करते हैं।
  3. कमोडिटी ETF – सोना, चांदी या अन्य कमोडिटीज को ट्रैक करने वाले ETF।
  4. इंटरनेशनल ETF – विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले ETF।
  5. सेक्टरल ETF – किसी खास सेक्टर जैसे बैंकिंग, फार्मा या IT पर केंद्रित ETF।

ETF ट्रेडिंग के फायदे

कम लागत – म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले कम एक्सपेंस रेशियो।
लिक्विडिटी – शेयर बाजार में तुरंत खरीद-बिक्री की सुविधा।
डायवर्सिफिकेशन – एक ही निवेश से कई एसेट्स में निवेश।
कम जोखिम – एक ही फंड में कई स्टॉक्स या बॉन्ड्स होने से जोखिम कम होता है।

ETF ट्रेडिंग के नुकसान

मार्केट रिस्क – ETF की कीमतें शेयर बाजार के अनुसार घटती-बढ़ती हैं।
लिक्विडिटी इश्यू – कुछ ETF में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हो सकता है।
मैनेजमेंट फीस – भले ही कम हो, लेकिन फिर भी म्यूचुअल फंड्स से तुलना करने लायक होती है।

ETF में निवेश कैसे करें?

  1. डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलें (Zerodha, Upstox, Groww आदि पर)।
  2. पसंदीदा ETF को चुनें (जैसे Nifty 50 ETF, Gold ETF)।
  3. शेयर बाजार में ETF को खरीदें या बेचें

निष्कर्ष

ETF ट्रेडिंग उन निवेशकों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है जो कम लागत, डायवर्सिफिकेशन और लिक्विडिटी के फायदे उठाना चाहते हैं। यह स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड्स के बीच का एक हाइब्रिड ऑप्शन है, जो लंबी अवधि के निवेश के लिए अच्छा हो सकता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top