ट्रेडिंग में सपोर्ट और रेजिस्टेंस पहचानना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये दो स्तर होते हैं जो कीमतों के मूवमेंट को प्रभावित करते हैं। यहां कुछ तरीके दिए गए हैं जिनसे आप सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों की पहचान कर सकते हैं:
1. सपोर्ट (Support)
सपोर्ट वह स्तर होता है, जहां कीमत गिरते-गिरते रुक जाती है और फिर से ऊपर की ओर बढ़ने लगती है। यह एक तरह से "फर्श" की तरह काम करता है। सपोर्ट स्तर को पहचानने के कुछ तरीके:
- लो पॉइंट्स: जब कोई संपत्ति (जैसे स्टॉक, कमोडिटी) एक ही स्तर पर बार-बार नीचे जाती है लेकिन वहां से वापस मुड़ जाती है, तो वह स्तर सपोर्ट माना जाता है।
- समान कीमत पर बाउंस: जब कीमत बार-बार एक विशेष स्तर तक गिरती है और फिर से उपर जाती है, तो वह एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन को दर्शाता है।
2. रेजिस्टेंस (Resistance)
रेजिस्टेंस वह स्तर होता है, जहां कीमत बढ़ते हुए रुक जाती है और फिर से नीचे गिरने लगती है। यह "छत" की तरह काम करता है। रेजिस्टेंस स्तर को पहचानने के कुछ तरीके:
- हाई पॉइंट्स: जब कोई संपत्ति एक ही ऊंचाई पर बार-बार बढ़ती है, लेकिन वहां से गिर जाती है, तो वह स्तर रेजिस्टेंस माना जाता है।
- समान कीमत पर रिवर्सल: जब कीमत बार-बार एक विशेष स्तर तक बढ़ती है और फिर नीचे गिरने लगती है, तो वह एक मजबूत रेजिस्टेंस ज़ोन को दर्शाता है।
3. चार्ट पैटर्न्स और इंडिकेटर्स
- ट्रेंडलाइन: ट्रेंडलाइन खींचकर आप सपोर्ट और रेजिस्टेंस का पता लगा सकते हैं। अगर कीमत लगातार एक उच्च या निम्न स्तर पर पहुंच रही है, तो वह एक ट्रेंडलाइन बना सकती है।
- मूविंग एवरेज: जब कीमत मूविंग एवरेज से ऊपर या नीचे जाती है, तो यह एक सपोर्ट या रेजिस्टेंस स्तर के रूप में काम कर सकती है।
- फिबोनाच्ची रिट्रेसमेंट: फिबोनाच्ची रिट्रेसमेंट लेवल्स सपोर्ट और रेजिस्टेंस के स्तरों को पहचानने के लिए एक प्रसिद्ध टूल है।
4. मूल बातें
- सपोर्ट टूटने पर रेजिस्टेंस बन सकता है: जब सपोर्ट स्तर टूटता है, तो वह पहले रेजिस्टेंस के रूप में बदल सकता है।
- रेजिस्टेंस टूटने पर सपोर्ट बन सकता है: जब रेजिस्टेंस स्तर टूटता है, तो वह पहले सपोर्ट के रूप में बदल सकता है।
5. वॉल्यूम का ध्यान रखें
- अगर सपोर्ट या रेजिस्टेंस स्तर के पास वॉल्यूम (volume) बढ़ता है, तो यह संकेत दे सकता है कि वह स्तर मजबूत है। वॉल्यूम का बढ़ना एक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन के संकेत हो सकता है।
इन तरीकों का इस्तेमाल करके आप ट्रेडिंग में सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तरों को पहचान सकते हैं और अपने ट्रेडिंग फैसलों को बेहतर बना सकते हैं।