टेक्निकल एनालिसिस ऑफ द फाइनेंशियल मार्केट्स

राजेश पालशेतकर
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नमस्कार दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी किताब की समरी सुनाने जा रहे हैं जो हर उस इंसान के लिए है जो बाजार के रहस्यों को समझना चाहता है

टेक्निकल एनालिसिस ऑफ द फाइनेंशियल मार्केट्स सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि एक ऐसा मार्गदर्शक है जो आपको सिखाएगा कि शेयर बाजार केवल संख्याओं और चार्ट्स का खेल नहीं है यह बाजार के पीछे छिपे डर लालच उम्मीद और निराशा को पहचानने की कला है यह समरी आपके लिए खास इसलिए है  क्योंकि इसमें आपको सिर्फ तकनीकी ज्ञान नहीं मिलेगा, बल्कि वह आत्मविश्वास भी मिलेगा जो गिरते बाजार में भी आपको मजबूत बनाए रखेगा यह आपको बताएगी कि सपोर्ट और रेजिस्टेंस क्या है ट्रेंड्स कैसे काम करते हैं और सही समय पर सही निर्णय कैसे लिया जाए दोस्तों यह केवल एक समरी नहीं है यह एक निवेशक बनने का पहला कदम है अगर आप भी अपनी जिंदगी में आर्थिक आजादी पाना चाहते हैं और अपने फैसलों में भरोसा चाहते हैं तो इस वीडियो को अंत तक जरूर सुने तो तैयार हो जाइए क्योंकि यह समरी आपके ज्ञान के दरवाजे खोलने और आपकी सोच को एक नई दिशा देने वाली है चलिए शुरू करते हैं 
 पहला तकनीकी विश्लेषण का परिचय बाजार की धड़कन को समझना तकनीकी विश्लेषण बाजार की वह भाषा है जिसे समझकर एक निवेशक या ट्रेडर ना केवल बाजार की दिशा जान सकता है बल्कि भविष्य के बारे में सटीक अनुमान भी लगा सकता है जॉन जे मर्फी की इस पुस्तक की शुरुआत इस विचार से होती है कि, बाजार में हर गतिविधि चाहे वह किसी स्टॉक का गिरना हो या उठना किसी ना किसी कारण से होती है तकनीकी विश्लेषण इस कारण को समझने में मदद करता है यह विश्लेषण चार्ट्स आंकड़ों और विभिन्न टूल्स के माध्यम से निवेशकों के व्यवहार और उनके फैसलों को मापता है मर्फी बताते हैं कि तकनीकी विश्लेषण को अपनाने का पहला कदम है अपने दिमाग को पूर्वाग्रह से मुक्त करना बाजार कभी भी निश्चित नहीं होता यहां हर कदम अनिश्चितता हों से भरा होता है लेकिन अगर आप इस अनिश्चितता को सही तरीके से पढ़ना सीख जाते हैं तो यह आपके लिए अवसर बन जाती है तकनीकी विश्लेषण का मुख्य उद्देश्य है मूल्य प्राइस और मात्रा वॉल्यूम के बीच संबंध को समझना यह बाजार की स्थिति और उसकी संभावित दिशा के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी देता है उदाहरण के लिए अगर किसी स्टॉक की कीमत बढ़ रही है लेकिन उसका वॉल्यूम कम हो रहा है तो यह संकेत हो सकता है कि कीमत गिरने वाली है मर्फी यह भी बताते हैं कि तकनीकी विश्लेषण केवल शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग तक सीमित नहीं है यह लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए भी उतना ही उपयोगी है यह आपके फैसलों को बेहतर बनाने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान करता है तकनीकी विश्लेषण की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि यह हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध है आपको इसे सीखने के लिए किसी विशेष डिग्री या पृष्ठ भूमि की जरूरत नहीं होती यह केवल आपके समर्पण और मेहनत पर निर्भर करता है मर्फी ने इस पुस्तक को इतने सरल और व्यवस्थित तरीके से लिखा है कि एक नौसिखिया भी इसे समझ सकता है मर्फी के अनुसार तकनीकी विश्लेषण केवल चार्ट्स और आंकड़ों तक सीमित नहीं है यह निवेशकों के मनोविज्ञान को भी समझता है बाज में हर व्यक्ति की भावनाएं डर लालच आशा उनके फैसलों को प्रभावित करती हैं इन भावनाओं को पहचानकर आप बाजार में एक कदम आगे रह सकते हैं तकनीकी विश्लेषण की यह यात्रा आपको सिखाती है कि बाजार का हर कदम एक संकेत है यह संकेत आपको सही दिशा में ले जा सकता है अगर आप इसे पढ़ना जानते हैं। 
दो चार्ट्स की दुनिया आंकड़ों की कहानियां पढ़ना चार्ट्स तकनीकी विश्लेषण का दिल होते हैं जब आप पहली बार चार्ट्स देखते हैं तो यह बस जटिल रेखाओं और संख्याओं का समूह लगते हैं लेकिन जैसे-जैसे आप इनकी गहराई में उतरते हैं यह आपको बाजार की कहानियां सुनाने लगते हैं जॉन जे मर्फी ने इस पुस्तक में चार्ट्स को समझने के महत्व पर जोर दिया है उनके अनुसार चार्ट्स केवल कीमतों और वॉल्यूम को रिकॉर्ड नहीं करते बल्कि यह बाजार की हर हलचल और निवेशकों की भावनाओं को भी दर्शाते हैं मर्फी चार्ट्स को तीन मुख्य प्रकारों में बांटते हैं लाइन चार्ट्स बार चार्ट्स और कैंडलेस्टिक चार्ट्स इनमें से हर एक का अपना महत्व है लाइन चार्ट सबसे सरल है जो केवल क्लोजिंग प्राइस को जोड़कर एक रेखा बनाता है यह शुरुआती ट्रेडर के लिए उपयोगी होता है क्योंकि यह बाजार की समग्र दिशा को स्पष्ट रूप से दिखाता है दूसरी ओर बार चार्ट और कैंडलेस्टिक चार्ट अधिक जटिल है बार चार्ट में ओपनिंग क्लोजिंग हाई और लो प्राइस का विवरण होता है यह आपको एक ही समय में अधिक जानकारी देता है कैंडलेस्टिक चार्ट सबसे प्रभावी और आकर्षक होता है इसकी प्रत्येक कैंडल एक दिन सप्ताह या किसी अन्य समय अवधि की कहानी बताती है कैंडल का रंग आकार और स्थिति आपको बाजार की दिशा के बारे में संकेत देता है मर्फी यह भी बताते हैं कि चार्ट्स केवल देखने के लिए नहीं होते इन्हें समझना और उनसे सीखना महत्त्वपूर्ण है चार्ट्स पर विभिन्न पैटर्स होते हैं जैसे हेड एंड शोल्डर्स डबल टॉप्स और ट्राय एंगल्स इन प टस को पहचानना और उनका सही समय पर उपयोग करना बाजार में आपकी सफलता को बढ़ा सकता है उदाहरण के लिए हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न यह संकेत देता है कि बाजार में मौजूदा ट्रेंड खत्म होने वाला है और एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है

 चार्ट्स का महत्व केवल पैटर्स तक सीमित नहीं है इनसे आप यह भी समझ सकते हैं कि किसी स्टॉक की वर्तमान स्थिति क्या है क्या यह ओवर बट ज्यादा खरीदा गया है या ओवर सोल्ड ज्यादा बेचा गया यह जानकारी आपको सही समय पर खरीदने और बेचने में मदद करती है मर्फी यह भी बताते हैं कि चार्ट्स को समझने में धैर्य और अभ्यास की जरूरत होती है आप पहले दिन ही सब कुछ नहीं सीख सकते लेकिन अगर आप नियमित रूप से चार्ट्स का अध्ययन करते हैं तो यह आपको बाजार का मास्टर बना सकता है चार्ट्स केवल आंकड़े नहीं है यह बाजार की धड़कन है जब आप इन्हें पढ़ना सीख जाते हैं तो आप बाजार में होने वाली हर छोटी बड़ी हलचल को समझ सकते हैं यह आपको सिर्फ एक ट्रेडर से बेहतर रणनीतिकार बनने में मदद करता है इस प्रकार चार्ट्स तकनीकी विश्लेषण की नीव है इनका सही उपयोग आपको बाजार के बारे में गहरी समझ देता है और आपकी ट्रेडिंग यात्रा को आसान बनाता है तीन ट्रेंड की पहचान बाजार की दिशा को समझना ट्रेंड पहचानना तकनीकी विश्लेषण की सबसे महत्त्वपूर्ण कला है बाजार हमेशा किसी ना किसी दिशा में बढ़ रहा होता है और ट्रेंड इस दिशा को समझने का तरीका है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में बताते हैं कि एक ट्रेडर के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि वह बाजार की लहर के साथ चल रहा है या इसके खिलाफ

 सही समय पर ट्रेंड को पहचानने से आप नुकसान से बच सकते हैं और लाभ के अवसरों को अधिकतम कर सकते हैं मर्फी बताते हैं कि बाजार में मुख्यतः तीन प्रकार के ट्रेंड होते हैं अप ट्रेंड डाउन ट्रेंड और साइड वेज ट्रेंड अपर ट्रेंड वह स्थिति है जब बाजार की कीमतें लगातार बढ़ रही होती हैं यह एक सकारात्मक संकेत है जहां निवेशक खरीदारी करते हैं दूसरी ओर डाउन ट्रेंड तब होता है जब कीमतें गिर रही होती हैं यह निवेशकों के लिए बेचने का संकेत देता है साइड वेज ट्रेंड तब होता है जब बाजार स्थिर रहता है और कीमतें सीमित दायरे में चलती हैं ट्रेंड की पहचान करने के लिए मर्फी ने दो महत्त्वपूर्ण टूल्स का उल्लेख किया है मूविंग एवरेज और ट्रेंड लाइंस 

मूविंग एवरेज बाजार की औसत कीमत को दर्शाता है और यह दि आता है कि कीमतें किस दिशा में जा रही हैं अगर मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ रहा है तो यह अपट्रेंड का संकेत है ट्रेंड लाइंस भी ट्रेंड की दिशा को स्पष्ट करने में मदद करती हैं यह चार्ट पर बनाई गई रेखाएं होती हैं जो यह दिखाती हैं कि कीमतें बढ़ रही हैं या गिर रही हैं मर्फी यह भी बताते हैं कि ट्रेंड की ताकत को समझना भी उतना ही जरूरी है जितना कि ट्रेंड की दिशा को पहचानना कभी-कभी ट्रेंड कमजोर हो सकता है और अचानक बदल सकता है इसे पहचानने के लिए आप वॉल्यूम का सहारा ले सकते हैं जब वॉल्यूम किसी ट्रेंड के साथ बढ़ता है तो यह दर्शाता है कि ट्रेंड मजबूत है लेकिन अगर वॉल्यूम गिर रहा है तो यह ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत हो सकता है ट्रेंड को समझने का मतलब है बाजार की भविष्यवाणी करना लेकिन यह इतना आसान नहीं है बाजार में कई बार अचानक बदलाव होते हैं जिन्हें मर्फी ट्रेंड रिवर्सल कहते हैं यह वह स्थिति है जब बाजार एक दिशा से दूसरी दिशा में मुड़ जाता है उदाहरण के लिए अप ट्रेंड अचानक डाउन ट्रेंड में बदल सकता है इसे पहचानने के लिए चार्ट्स पर बने पैटर्स और इंडिकेटर्स का अध्ययन करना जरूरी है ट्रेंड की पहचान करने के लिए सबसे जरूरी चीज है धैर्य और अनुशासन मर्फी कहते हैं कि कई बार निवेशक जल्दी लाभ कमाने के चक्कर में ट्रेंड को पूरी तरह समझे बिना ही निवेश कर देते हैं और नुकसान उठा लेते हैं लेकिन अगर आप बाजार को ध्यान से देखते हैं और उसके संकेतों को समझते हैं तो आप सही समय पर सही फैसले ले सकते हैं ट्रेंड की पहचान सिर्फ बाजार को समझने की प्रक्रिया नहीं है यह एक मानसिकता है यह आपको सिखाता है कि कैसे संयम बनाए रखें बाजार के संकेतों को पढ़ें और अवसरों को बुनाए सही ट्रेंड का अनुसरण करके आप ना केवल अपने निवेश को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि बाजार में लंबे समय तक टिक भी सकते हैं 

चार सपोर्ट और रेजिस्टेंस (बाजार की सीमाओं को समझना) सपोर्ट और रेजिस्टेंस तकनीकी विश्लेषण के सबसे महत्त्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है यह बाजार की उन सीमाओं को दर्शाते हैं जहां कीमतें अक्सर रुकती हैं या पलट जाती हैं जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में इन दोनों अवधारणाओं को समझाने के लिए एक सरल दृष्टिकोण अपनाते हैं उनके अनुसार सपोर्ट और रेजिस्टेंस बाजार की अदृश्य दीवारें हैं जो कीमतों को एक सीमा में बांधती हैं अगर आप इन्हें पहचानने में सक्षम है तो आप सही समय पर खरीद और बिक्री के फैसले ले सकते हैं सपोर्ट का मतलब क्या है सपोर्ट वह स्तर है जहां कीमतें गिरते-गिरते थम जाती हैं और पलटने लगती हैं यह वह बिंदु है जहां खरीदार सक्रिय हो जाते हैं और बिक्री का दबाव कम होने लगता है इसे आप बाजार के फर्श के रूप में समझ सकते हैं उदाहरण के लिए अगर किसी स्टॉक की कीमत ₹500 उसका सपोर्ट लेवल है सपोर्ट दर्शाता है कि निवेशकों को उस स्तर पर स्टॉक आकर्ष लगने लगता है रेजिस्टेंस का मतलब क्या है रेजिस्टेंस इसके ठीक उलट है यह वह स्तर है जहां कीमतें बढ़ते बढ़ते रुक जाती हैं और गिरने लगती हैं इसे आप बाजार की छत के रूप में समझ सकते हैं उदाहरण के लिए अगर किसी स्टॉक की कीमत 800 तक बढ़ती है और वहां से गिरने लगती है तो 800 उसका रेजिस्टेंस लेवल है इसका मतलब है कि उस स्तर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया है 

सपोर्ट और रेजिस्टेंस कैसे काम करते हैं मर्फी बताते हैं कि सपोर्ट और रेजिस्टेंस का अस्तित्व निवेशकों की भावनाओं और उनकी गतिविधियों पर आधारित होता है जब कीमत सपोर्ट लेवल पर पहुंचती है तो निवेशक इसे खरीदने का सही मौका मानते हैं वहीं जब कीमत रेजिस्टेंस लेवल पर पहुंचती है तो निवेशक इसे बेचने का सही समय मानते हैं सपोर्ट और रेजिस्टेंस की पहचान कैसे करें चार्ट्स पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस की पहचान करना आसान है लेकिन इसे समझने के लिए अभ्यास की जरूरत होती है मर्फी के अनुसार इनकी पहचान करने के लिए आप ट्रेंड लाइंस मूविंग एवरेज और प्राइस पैटर्स का सहारा ले सकते हैं उदाहरण के लिए अगर चार्ट पर कोई कीमत बार-बार एक निश्चित स्तर पर जाकर रुक रही है तो वह स्तर रेजिस्टेंस हो सकता है इसी तरह अगर कीमत बार-बार एक निश्चित स्तर पर आकर पलट रही है तो वह सपोर्ट हो सकता है सपोर्ट और रेजिस्टेंस का टूटना ब्रेक आउट मर्फी इस पर भी चर्चा करते हैं कि सपोर्ट और रेजिस्टेंस हमेशा स्थाई नहीं होते कई बार बाजार इन सीमाओं को तोड़ देता है इसे ब्रेकआउट कहते हैं अगर कीमत सपोर्ट लेवल से नीचे गिर जाती है तो यह संकेत है कि बाजार कमजोर हो रहा है वहीं अगर कीमत रेजिस्टेंस लेवल को पार कर जाती है तो यह संकेत है कि बाजार मजबूत हो रहा है भावनात्मक जुड़ाव का महत्व सपोर्ट और रेजिस्टेंस सिर्फ आंकड़े नहीं है यह बाजार की भावनाओं को दर्शाते हैं निवेशक अक्सर इन्हें अपने फैसलों का आधार बनाते हैं मर्फी का मानना है कि इन्हें समझने से आप बाजार के उतार चढ़ाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं सपोर्ट और रेजिस्टेंस के सही उपयोग से आप बाजार में होने वाले जोखिम को कम कर सकते हैं और अपनी रणनीतियों को मजबूत बना सकते हैं यह ना केवल आपको बाजार की सीमाओं को समझने में मदद करता है बल्कि आपको अपने निवेश को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने की शक्ति भी देता है 

पांच मूविंग एवरेज बाजार की दिशा का औसत 
मूविंग एवरेज तकनीक विश्लेषण का एक ऐसा साधन है जो बाजार की दिशा को समझने में मदद करता है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में मूविंग एवरेज को निवेशकों के लिए एक नेविगेशन टूल की तरह बताते हैं जो बाजार की तेजी और मंदी की स्पष्ट तस्वीर प्रदान करता है यह उन छोटे-छोटे उतार चढ़ाव को नजरअंदाज कर लंबी अवधि के ट्रेंड को समझने का काम करता है मूविंग एवरेज बाजार की कीमतों का औसत है जो समय के साथ लगातार बदलता रहता है मूविंग एवरेज का मुख्य उद्देश्य है बाजार के शोर नॉज को कम करना और एक सरल व स्पष्ट ट्रेंड दिखाना मर्फी कहते हैं कि बाजार में हर रोज कीमतें ऊपर नीचे होती रहती हैं लेकिन मूविंग एवरेज इन उतार चढ़ाव को नजर अंदाज कर हमें यह दिखाता है कि बाजार का असली ट्रेंड क्या है इसे आप इस तरह समझ सकते हैं कि अगर किसी स्टॉक की कीमतें 10 दिनों में ₹ 100, ₹110और ₹90 पर रही हैं तो इन सभी का औसत निकालकर मूविंग एवरेज हमें दिखाएगा कि असल में बाजार किस दिशा में बढ़ रहा है 
मूविंग एवरेज के प्रकार मर्फी दो मुख्य प्रकार के मूविंग एवरेज पर जोर देते हैं वन सिंपल मूविंग एवरेज एएमए दो एक्सपो शियल मूविंग एवरेज ईए यह सबसे आसान और सामान्य प्रकार का मूविंग एवरेज है इसमें कीमतों का साधारण औसत निकाला जाता है उदाहरण के लिए अगर आप 10 दिनों का मूविंग एवरेज निकालते हैं तो इन 10 दिनों की कीमतों को जोड़कर उन्हें 10 से विभाजित कर दिया जाता है यह औसत एक सरल रेखा के रूप में चार्ट पर दिखाई देता है 
दो एक्सपोसिस मूविंग एवरेज ईएएमए यह एसएम ए का ही उन्नत रूप है इसमें हाल की कीमतों को अधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि यह माना जाता है कि हाल की कीमतें अधिक प्रासंगिक हैं ईएएमए तेजी से बदलते बाजार के ट्रेंड को पहचानने में ज्यादा मददगार होता है 
मूविंग एवरेज का महत्व मर्फी के अनुसार मूविंग एवरेज आपको यह पहचानने में मदद करता है कि बाजार की दिशा क्या है और इसमें कब बदलाव हो सकता है उदाहरण के लिए अगर कोई स्टॉक अपने मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है तो यह एक सकारात्मक संकेत है और यह दर्शाता है कि स्टॉक मजबूत स्थिति में है वहीं अगर यह मूविंग एवरेज के नीचे गिरने लगता है तो यह एक चेतावनी हो सकती है कि स्टॉक कमजोर हो रहा है क्रॉसओवर रणनीति क्रॉसओवर स्ट्रेटेजी मूविंग एवरेज का सबसे प्रभावी उपयोग क्रॉसओवर रणनीति में होता है इसमें दो मूविंग एवरेज का उपयोग किया जाता है एक छोटी अवधि का और दूसरा लंबी अवधि का जब छोटी अवधि का मूविंग एवरेज लंबी अवधि के मूविंग एवरेज को ऊपर की ओर काटता है तो यह खरीदारी का संकेत है इसे गोल्डन क्रॉस कहते हैं और जब यह नीचे की ओर काटता है तो यह बिक्री का संकेत है जिसे डेथ क्रॉस कहा जाता है 
मूविंग एवरेज की सीमाएं हालांकि कि मूविंग एवरेज एक शक्तिशाली उपकरण है लेकिन मर्फी इसके कुछ नुकसान भी बताते हैं यह अक्सर देरी से संकेत देता है क्योंकि यह ऐतिहासिक कीमतों पर आधारित होता है इसका मतलब है कि जब तक मूविंग एवरेज ट्रेंड में बदलाव का संकेत देता है तब तक बाजार पहले ही बदल चुका होता है भावनात्मक पहलू मूविंग एवरेज एक निवेशक को अनुशासन सिखाता है यह आपको याद दिलाता है कि बाजार को समझने के लिए धैर्य और संयम जरूरी है कहते हैं कि अगर आप बाजार की दिशा को सही तरीके से पहचानना चाहते हैं तो मूविंग एवरेज को समझना और इसका इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है यह टूल निवेशकों को एक स्पष्ट दृष्टि प्रदान करता है और उन्हें बाजार के शोर में भटकने से बचाता है सही तरीके से इस्तेमाल किए जाने पर मूविंग एवरेज आपके निवेश के फैसलों को अधिक मजबूत और प्रभावी बना सकता है

 छह चार्ट पैटर्स बाजार के रहस्यों को समझना चार्ट पैटर्न तकनीकी विश्लेषण का ऐसा भाग है जो बाजार के मूड और दिशा का गहराई से अध्ययन करने में मदद करता है जॉन जे मर्फी ने अपनी पुस्तक में चार्ट पैटर्स को एक भाषा के रूप में प्रस्तुत किया है उनका मानना है कि अगर आप इन पैटर्स को समझना सीख लेते हैं तो आप बाजार के अगले कदम का अंदाजा लगा सकते हैं यह पैटर्न कीमतों के ग्राफ पर बनने वाले विशेष चित्र होते हैं जो मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन का संकेत देते हैं मर्फी के अनुसार चार्ट पैटर्स बाजार के मनोविज्ञान का प्रतिबिंब होते हैं जब निवेशक उत्साहित या डरते हैं तो उनके फैसले इन पैटर्स में झलक हैं सही समय पर इन पैटर्स को पहचानना और उनका सही उपयोग करना आपकी ट्रेडिंग रणनीतियों को मजबूत बना सकता है 
चार्ट पैटर्स के प्रकार चार्ट पैटर्स मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं एक रिवर्सल पैटर्न यह पैटर्न बाजार के ट्रेंड में बदलाव का संकेत देते हैं जब बाजार ऊपर जा रहा हो और रिवर्सल पटन बने तो यह दर्शाता है कि बाजार नीचे जाने वाला है कुछ प्रमुख रिवर्सल पैटर्न है हेड एंड शोल्डर्स यह एक मजबूत रिवर्सल पैटर्न है जो ट्रेंड के पलटने का संकेत देता है डबल टॉप और डबल बॉटम यह पैटर्न कीमतों के एक निश्चित स्तर पर रुकने और पलटने का संकेत देते हैं दो कंटिन्यूएशन पैटर्न यह पैटर्न बाजार के मौजूदा ट्रेंड के जारी रहने का संकेत देते हैं कुछ प्रमुख कंटिन्यूएशन पैटर्न है फ्लैग्स और पेनेंट्स यह छोटे ब्रेक के बाद ट्रेंड के जारी रहने का संकेत देते हैं त्रिकोण ट्रायंगल यह बाजार में अनिर्स देते हैं जिसके बाद कीमतें मौजूदा ट्रेंड के साथ आगे बढ़ती हैं  
चार्ट पैटर्स को पहचानने का महत्व मर्फी बताते हैं कि चार्ट पैटर्स बाजार की दिशा को समझने का एक शक्तिशाली तरीका है यह आपको यह समझने में मदद करते हैं कि बाजार कब खरीदारी के लिए तैयार है और कब बिकवाली के लिए उदाहरण के लिए अगर हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न बन रहा है तो यह संकेत हो सकता है कि बाजार नीचे गिरने वाला है  
कैसे करें चार्ट पैटर्स का उपयोग चार्ट पैटर्स का सही उपयोग करने के लिए धैर्य और अनुभव की आवश्यकता होती है सबसे पहले आपको चार्ट पर पैटर्स को पहचानने की क्षमता विकसित करनी होगी इसके बाद आपको उनकी पुष्टि करनी होगी मर्फी सुझाव देते हैं कि पैटर्स को समझने के लिए आपको वॉल्यूम लिक्विडिटी और ब्रेकआउट का भी ध्यान रखना चाहिए भावनात्मक पहलू मर्फी इस बात पर जोर देते हैं कि चार्ट पैटर्स को पढ़ना कला और विज्ञान दोनों है यह केवल गणितीय आंकड़ों पर निर्भर नहीं करता बल्कि बाजार की भावनाओं और प्रवृत्तियों को समझने पर आधारित है कई बार जब बाजार में अनिश्चितता होती है तो यह पैटर्न हमें स्पष्टता प्रदान करते हैं 
चार्ट पैटर्नस की सीमाएं हालांकि चार्ट पैटर्न शक्तिशाली होते हैं लेकिन वे हमेशा सटीक नहीं होते मर्फी चेतावनी देते हैं कि हर पैटर्न सही संकेत नहीं देता कई बार बाजार अप्रत्याशित तरीके से व्यवहार करता है और यह पैटर्न फेल हो सकते हैं इसीलिए इन्हें अन्य तकनीकी उपकरणों के साथ इस्तेमाल करना चाहिए चार्ट पैटर्स बाजार के रहस्यों को उजागर करने का एक बेहतरीन तरीका है यह आपको बाजार की गतिविधियों को समझने और सही निर्णय लेने में मदद करता है मर्फी का मानना है कि अगर आप चार्ट पैटर्स को समझ ने और उनका सही इस्तेमाल करने में सक्षम हो जाते हैं तो आप बाजार में एक कदम आगे रह सकते हैं  

सात ट्रेंड लाइन बाजार की दिशा की पहचान ट्रेंड लाइन तकनीकी विश्लेषण का एक अभिन्न हिस्सा है जो बाजार की दिशा को स्पष्ट रूप से पहचानने में मदद करता है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में ट्रेंडलाइन को एक मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो निवेशकों को बाजार के दिशा और स्थिति का सही अनुमान लगाने में मदद करता है है ट्रेंडलाइन बाजार के ऐतिहासिक मूल्य डेटा को जोड़कर एक सीधी रेखा बनाती है जो आने वाले समय में मूल्य परिवर्तन का अनुमान लगाने में मदद करती है  

ट्रेंड लाइन के प्रकार 
ट्रेंड लाइन को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है एक बुलिश ट्रेंड लाइन जब बाजार में कीमतें ऊपर की दिशा में बढ़ रही होती हैं तो इसे बुलिश ट्रेंड लाइन कहा जाता है इस रेखा को बनाने के लिए हम बाजार की निचली कीमतों लॉज को जोड़ते हैं ताकि एक रेखा बनाई जा सके जो बाजार के उत्थान की दिशा को दर्शाए जब कीमतें इस ट्रेंडलाइन के ऊपर जाती हैं तो यह एक सकारात्मक संकेत है दो बेयरिश ट्रेंड लाइन जब बाजार की कीमतें गिर रही होती हैं तो इसे बेयरिश ट्रेंड लाइन कहा जाता है इसे बनाने के लिए हम बाजार के ऊपरी हिस्सों हाइज को जोड़ते हैं जो दर्शाते हैं कि बाजार नीचे की ओर गिर रहा है जब कीमतें इस ट्रेंडलाइन के नीचे जाती हैं तो यह संकेत है कि बा बाजार और नीचे जा सकता है  
थ्री साइड वे ट्रेंड लाइन जब बाजार की कीमतें ना ऊपर बढ़ रही होती हैं और ना नीचे गिर रही होती हैं तो इसे साइड वे ट्रेंड कहा जाता है इस ट्रेंड में  ट्रेंड लाइन एक क्षैतिज रेखा के रूप में बनती है जो यह दर्शाती है कि बाजार एक तय सीमा के भीतर ही उतार चढ़ाव कर रहा है ट्रेंड लाइन का महत्व ट्रेंडलाइन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह बाजार के भविष्य के दिशा को स्पष्ट करती है के अनुसार ट्रेंडलाइन निवेशकों को यह समझने में मदद करती है कि किसी विशिष्ट समय पर बाजार किस दिशा में जा सकता है अगर बाजार एक मजबूत बुलिश ट्रेंड में है तो यह ट्रेंड लाइन निवेशकों को खरीदारी के अवसरों की ओर संकेत करती है वही यदि बाजार बेयरिश ट्रेंड में है तो यह ट्रेंड लाइन उन्हें बिक्री का संकेत देती है ट्रेंड लाइन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह बाजार के उतार चढ़ाव को एक स्पष्ट दृष्टिकोण में बदल देती है इसमें कोई संदेह नहीं कि ट्रेंड लाइन को पहचानने से निवेशक अधिक आत्मविश्वास के साथ अपने फैसले ले सकते हैं  
ट्रेंड लाइन को कैसे खींचे ट्रेंडलाइन को खींचने के लिए मर्फी ने कुछ महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए हैं सबसे पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कीमतों के कम से कम दो महत्त्वपूर्ण बिंदु निचली या ऊपरी कीमतें ट्रेंड लाइन पर हो इसके बाद इन बिंदुओं को जोड़कर एक सीधी रेखा खींची जाती है यह रेखा जितनी लंबी और मजबूत होती है उतना ही ज्यादा विश्वसनीय होती है उदाहरण के लिए यदि एक ट्रेंड लाइन कई बार टूटने से बची रहती है और बार-बार कीमतें उस रेखा के पास वापस आती हैं तो यह संकेत है कि यह ट्रेंड लाइन एक मजबूत संकेत है  
ट्रेंड लाइन की सीमाएं हालांकि ट्रेंडलाइन एक प्रभावी उपकरण है लेकिन मर्फी का कहना है कि यह 100% सटीक नहीं होती बाजार हमेशा परिवर्तनशील रहता है और कभी-कभी ट्रेंड लाइन टूट सकती है इस कारण से ट्रेंड लाइन का उपयोग अकेले नहीं बल्कि अन्य तकनीकी संकेत कोकों के साथ किया जाना चाहिए ताकि त्रुटियों का सामना किया जा सके और बेहतर निर्णय लिया जा सके भावनात्मक पहलू ट्रेंडलाइन की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह निवेशकों को भावनात्मक रूप से तटस्थ बनाए रखती है कई बार जब बाजार में अस्थिरता होती है तो निवेशक डर या लालच से भरा होता है ट्रेंडलाइन उन्हें यह स्पष्ट रूप से बताती है कि बाजार की दिशा क्या है और उन्हें अपने फैसलों को इस दिशा में समायोजित करने की अनुमति देती है ट्रेंडलाइन तकनीकी विश्लेषण का एक महत्त्वपूर्ण टूल है जो बाजार के दिशा को पहचानने में मदद करता है यह निवेशकों को सही समय पर खरीदने या बेचने का अवसर देता है और बाजार की प्रवृत्तियों को समझने में मदद करता है यदि आप ट्रेंडलाइन को सही तरीके से पहचानते हैं और उसका उपयोग करते हैं तो आप बाजार के उतार चढ़ाव से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं और अपने निवेश में सफलता पा सकते हैं 
आठ वॉल्यूम बाजार की ताकत का आकलन वॉल्यूम एक महत्वपूर्ण तकनीकी संकेतक है जो यह दर्शाता है कि किसी विशेष समय पर कितनी संख्या में शेयर्स या अनुबंधों का व्यापार हुआ है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में वॉल्यूम को बाजार की ताकत या ऊर्जा के रूप में वर्णित करते हैं जो बाजार की दिशा और संभावित परिवर्तनों को समझने में मदद करता है वॉल्यूम का विश्लेषण केवल एक संख्या नहीं है बल्कि यह एक संकेत है कि किसी विशेष ट्रेंड या पैटर्न के पीछे कितनी ताकत है 
वॉल्यूम और ट्रेंड के बीच संबंध वॉल्यूम का ट्रेंड के साथ गहरा संबंध होता है मर्फी के अनुसार जब बाजार में कोई नया ट्रेंड शुरू होता है तो वॉल्यूम भी बढ़ता है यदि किसी विशेष समय पर वॉल्यूम उच्च है तो यह दर्शाता है कि ट्रेंड के पीछे मजबूत समर्थन है उदाहरण के लिए अगर एक स्टॉक की कीमत बढ़ रही है और उसके साथ वॉल्यूम भी बढ़ रहा है तो यह सकारात्मक संकेत है कि ट्रेंड को जारी रखने के लिए बाजार में पर्याप्त रुचि है वही अगर ट्रेंड के दौरान वॉल्यूम कम हो रहा है तो यह संकेत हो सकता है कि ट्रेंड कमजोर हो रहा है और किसी पल पलट सकता है
 वॉल्यूम का विश्लेषण कैसे करें 
वॉल्यूम को समझने के लिए मर्फी ने कुछ महत्त्वपूर्ण सिद्धांत दिए हैं  
1) वॉल्यूम और प्राइस मूवमेंट का सहसंबंध जब वॉल्यूम प्राइस मूवमेंट के साथ मेल खाता है तो यह संकेत करता है कि बाजार में ट्रेंड की मजबूती है अगर वॉल्यूम तेजी से बढ़ रहा है और कीमतें भी ऊपर जा रही हैं तो यह ट्रेंड को मजबूत बनाता है इसी तरह यदि वॉल्यूम बढ़ते हुए कीमतों के साथ नहीं बढ़ता तो यह ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत हो सकता है  
2) वॉल्यूम के परिवर्तन से संकेत लेना वॉल्यूम का अचानक बढ़ना या घटना किसी भी समय महत्त्वपूर्ण बदलाव का संकेत हो सकता है मर्फी के अनुसार जब वॉल्यूम अचानक बढ़ता है तो यह आमतौर पर किसी बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है जैसे कि ट्रेंड का पलटना या एक नई दिशा में प्रवेश करना 
3) वॉल्यूम के साथ पैटर्न की पुष्टि वॉल्यूम अक्सर पैटर्न के साथ कंफर्मेशन प्रदान करता है उदाहरण के लिए यदि एक स्टॉक हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न दिखा रहा है और वॉल्यूम इस पैटर्न को बढ़ाते हुए घटता है तो यह संकेत हो सकता है कि बाजार में पलटा व होने वाला है वॉल्यूम का उपयोग जोखिम को समझने के लिए वॉल्यूम का एक अन्य महत्त्वपूर्ण उपयोग यह है कि यह बाजार के जोखिम को समझने में मदद करता है अगर वॉल्यूम अत्यधिक बढ़ रहा है तो इसका मतलब यह हो सकता है कि बाजार में अधिक अस्थिरता हो रही है ऐसे समय में मर्फी सुझाव देते हैं कि निवेशकों को अधिक सतर्क रहना चाहिए वही जब वॉल्यूम सामान्य होता है तो यह संकेत हो सकता है कि बाजार स्थिर है और इसमें अधिक जोखिम नहीं है भावनात्मक पहलू वॉल्यूम के साथ ट्रेडिंग करने का एक मानसिक पहलू भी है जब वॉल्यूम बढ़ता है तो यह निवेशकों के उत्साह और विश्वास को दर्शाता है यदि बाजार में उच्च वॉल्यूम है और कीमतें ऊपर जा रही हैं तो यह निवेशकों को अपने फैसलों में आत्मविश्वास देता है लेकिन यदि वॉल्यूम कम हो और कीमतें गिर रही हो तो यह डर और अनिश्चितता का संकेत होता है और निवेशकों को अपनी रणनीतियों को बदलने की आवश्यकता हो सकती है वॉल्यूम के संकेतों की सीमाएं वॉल्यूम संकेतक भी पूर्ण नहीं होते कभी-कभी वॉल्यूम की वृद्धि अप्रत्याशित कारणों से हो सकती है जैसे कि समाचार या घटनाओं के कारण मर्फी इस बात पर जोर देते हैं कि वॉल्यूम को अकेले नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि इसे अन्य संकेत कों जैसे प्राइस एक्शन चार्ट पैटर्स और ट्रेंड लाइनों के साथ जोड़कर विश्लेषण करना चाहिए वॉल्यूम बाजार की ताकत को समझने का एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है जब आप वॉल्यूम का सही उपयोग करते हैं तो आप ट्रेंड की ताकत को बेहतर ढंग से पहचान सकते हैं और संभावित बदलावों को पहले से जान सकते हैं मर्फी के अनुसार वॉल्यूम का सही विश्लेषण करके आप बाजार के विभिन्न मूवमेंट्स को अधिक सटीकता से समझ सकते हैं और अपनी ट्रेडिंग रणनीतियों को बेहतर बना सकते हैं 

नौ मूविंग एवरेजेस बाजार की दिशा का मापन मूविंग एवरेजेस तकनीकी विश्लेषण का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण और प्रभावी उपकरण है जो बाजार की दिशा का सही अनुमान लगाने में मदद करता है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में मूविंग एवरेजेस को एक तरह से बाजार के मनोविज्ञान को समझने का एक तरीका मानते हैं जो बाजार की गति और प्रवृत्तियों को परखने में सहायक होता है मूविंग एवरेजेस के माध्यम से हम किसी विशेष समयावधि में एक स्टॉक या संपत्ति की औसत कीमत को देख सकते हैं जिससे हमें यह समझने में मदद मिलती है कि मूल्य कहां जा सकते हैं 
मूविंग एवरेजेस के प्रकार मूविंग एवरेजेस मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं 
एक सिंपल मूविंग एवरेज एसएम ए 
सिंपल मूविंग एवरेज एसएम ए सबसे सामान्य प्रकार है जो एक निश्चित समयावधि के दौरान कीमतों का औसत निकालता है उदाहरण के लिए यदि हम 10 दिनों का एसएमई निकालते हैं तो हम उन 10 दिनों के क्लोजिंग प्राइस का औसत निकालते हैं यह सरल लेकिन प्रभावी तरीका है जो बाजार की सामान्य दिशा को समझने में मदद करता है 
दो एक्सपो शियल मूविंग एवरेज ईए एक्सपो शियल मूविंग एवरेज ईए को अधिक संवेदनशील माना जाता है क्योंकि में हाल की कीमतों को अधिक महत्व दिया जाता है जब बाजार में तीव्र उतार चढ़ाव होते हैं तो ईएएमए अधिक सटीक संकेत देता है और जल्दी प्रतिक्रिया करता है इसका उपयोग मुख्य रूप से उन ट्रेडर्स द्वारा किया जाता है जो तेज और सटीक संकेतों की तलाश में रहते हैं 
थ्रीन वेटेड मूविंग एवरेज डब्ल्यू एमए वेटेड मूविंग एवरेज डब्ल्यू एमए में प्रत्येक मूल्य बिंदु को एक विशेष वजन दिया जाता है इसका उद्देश्य अधिक महत्त्वपूर्ण कीमतों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है यह अक्सर अधिक जटिल तकनीकी विश्लेषण में उपयोग किया जाता है 
मूविंग एवरेजेस के उपयोग मूविंग एवरेजेस बाजार के ट्रेंड की पहचान करने के लिए एक बेहतरीन टूल है मर्फी के अनुसार जब कोई स्टॉक या संपत्ति एक मूविंग एवरेज को ऊपर की ओर पार करती है तो इसे एक बुलिश क्रॉस कहा जाता है जो कि एक खरीद संकेत हो सकता है वही जब मूल्य मूविंग एवरेज से नीचे गिरती है तो एक बेरिश क्रॉस कहा जाता है जो एक बिक्री संकेत हो सकता है मूविंग एवरेजेस का उपयोग विशेष रूप से उन स्थितियों में होता है जब बाजार में अस्थिरता हो या बाजार एक मजबूत दिशा में ना हो मूविंग एवरेजेस हमें यह समझने में मदद करते हैं कि क्या बाजार में एक स्थिर ट्रेंड बन रहा है जो आगे चलकर निवेशकों के लिए एक अवसर उत्पन्न कर सकता है 
मूविंग एवरेजेस और ट्रेंड रिवर्सल मूविंग एवरेजेस का सबसे महत्त्वपूर्ण उपयोग यह है कि यह रिवर्सल के संकेत देने में मदद करता है मर्फी के अनुसार यदि कोई स्टॉक लंबी समयावधि के मूविंग एवरेज के ऊपर या नीचे चला जाता है तो यह संकेत देता है कि ट्रेंड में बदलाव आ सकता है उदाहरण के लिए अगर एक स्टॉक 200 दिनों की मूविंग एवरेज को नीचे की ओर क्रॉस करता है तो यह एक संकेत हो सकता है कि बाजार का ट्रेंड नकारात्मक हो सकता है मूविंग एवरेजेस का भावनात्मक पहलू मूविंग एवरेजेस का भावनात्मक पहलू यह है कि कि यह निवेशकों को बाजार में स्थिरता का एहसास कराता है जब बाजार अत्यधिक उतार चढ़ाव से गुजर रहा होता है तो मूविंग एवरेजेस एक शांतिपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करते हैं जिससे निवेशक सही निर्णय ले सकते हैं यह उन्हें लालच और डर के बजाय तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करता है मूविंग एवरेजेस और जोखिम प्रबंधन मूविंग एवरेजेस का एक महत्त्वपूर्ण उपयोग यह है कि यह जोखिम प्रबंधन में मदद करता है यदि कोई स्टॉक या संपत्ति लगातार अपनी मूविंग एवरेज के ऊपर या नीचे बनी रहती है तो यह जोखिम को बढ़ा सकती है ऐसे में निवेशक मूविंग एवरेजेस का उपयोग करके अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए एक उचित रणनीति बना सकते हैं मूविंग एवरेजेस के लिमिटेशंस हालांकि मूविंग एवरेजेस एक शक्तिशाली उपकरण है लेकिन मर्फी के अनुसार इसके कुछ लिमिटेशन भी हैं मूविंग एवरेजेस इतिहास पर आधारित होते हैं जिससे वे वर्तमान और भविष्य के मूल्य परिवर्तनों को पूरी तरह से सही तरीके से नहीं पकड़ सकते यही कारण है कि इसे अन्य तकनीकी संकेत कों के साथ मिलाकर इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है मूविंग एवरेजेस तकनीकी विश्लेषण का एक अत्यंत प्रभावी और महत्त्वपूर्ण उपकरण है जो बाजार की दिशा को समझने और सही निवेश निर्णय लेने में मदद करता है चाहे आप निवेशक हो या ट्रेडर मूविंग एवरेजेस के माध्यम से आप बाजार की प्रवृत्तियों को समझ सकते हैं और अपने जोखिम को कम कर सकते हैं जॉन जे मर्फी के अनुसार मूविंग एवरेजेस को एक मजबूत और सटीक विश्लेषणात्मक टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो आपके निवेश निर्णयों को मजबूती प्रदान कर सकता है 
10 इंडिकेटर्स और ऑनस लेटर्स बाजार की गति का मापन इंडिकेटर्स और ऑन सिलेट तकनीकी विश्लेषण के महत्त्वपूर्ण टूल हैं जिनका उपयोग बाजार की गति और प्रवृत्तियों की पहचान करने के लिए किया जाता है जॉन जे मर्फी अपनी पुस्तक में इन दोनों को एक दूसरे के पूरक के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो निवेशकों और ट्रेडर्स को बाजार की दिशा गति और संभावित परिवर्तन को समझने में मदद करते हैं इन्हें इस्तेमाल करते समय एक महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह उपकरण सिर्फ बाजार की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हैं भविष्य के बारे में अनुमान नहीं लगाते इंडिकेटर्स का महत्व इंडिकेटर्स को मूल रूप से दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है लीडिंग और लगिंग इंडिकेटर्स लीडिंग इंडिकेटर्स भविष्य के बाजार के मूवमेंट्स के बारे में संकेत देते हैं जबकि लगिंग इंडिकेटर्स पिछली गतिविधियों का विश्लेषण करते हैं 
एक लीडिंग इंडिकेटर्स लीडिंग इंडिकेटर्स उन संकेत कों के रूप में कार्य करते हैं जो बाजार में बदलाव से पहले संकेत देना शुरू कर देते हैं यह बदलावों को जल्दी पहचानने में मदद करते हैं ताकि ट्रेडर्स और निवेशक पहले से तैयार हो सकें एक उदाहरण है रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स आरएसआईसी आई अत्यधिक खरीदारी ओवरबॉट या अत्यधिक बिक्री ओवरसोल्ड की स्थिति में पहुंचता है तो यह आने वाले रिवर्सल का संकेत हो सकता है दूसरी लगिंग इंडिकेटर्स लगिंग इंडिकेटर्स वे संकेतक होते हैं जो बाजार की दिशा और प्रवृत्तियों को बाद में दर्शाते हैं यह आपको यह बताने में मदद करते हैं कि वर्तमान में क्या हो रहा है और क्या पहले से तय हो चुका है उदाहरण के तौर पर मूविंग एवरेजेस एक लगिंग इंडिकेटर है जब कीमत मूविंग एवरेजेस के ऊपर या नीचे जाती है तो यह संकेत करता है कि एक नया ट्रेंड शुरू हो सकता है ऑनस लेटर्स का महत्व ऑन स्लेटर्स एक प्रकार के तकनीकी उपकरण है जो एक सीमा के भीतर होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किसी संपत्ति की कीमत अधिक खरीदी गई है या अधिक बेची गई है यह संकेतक आपको यह जानकारी देते हैं कि क्या बाजार में तेजी या मंदी का दबाव बढ़ रहा है एक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स आर आई आर एसआई एक ओन सिटर है जो यह दर्शाता है कि एक स्टॉक या संपत्ति को अधिक खरीदी या अधिक बेचा गया है जब आर एसआई 70 से ऊपर होता है तो इसे अधिक खरीदी की स्थिति माना जाता है और जब यह 30 से नीचे होता है तो इसे अधिक बेची गई स्थिति माना जाता है मर्फी के अनुसार यह ओसिट आपको बाजार की अधिक खरीदी या अधिक बेची गई परिस्थितियों के बारे में सटीक संकेत देता है 
दो स्टोसिक ओसिट यह ओसिट भी एक प्रकार का निवेशक संकेतक है जो स्टॉक के समापन मूल्य की तुलना उसके उच्चतम और निम्नतम मूल्य से करता है जब स्टोका ओसिट 80 से ऊपर होता है तो यह एक ओवरबॉट क्षेत्र को सूचित करता है और जब यह 20 से नीचे होता है तो इसे ओवरसोल्ड क्षेत्र माना जाता है इंडिकेटर्स और ऑ सिलेट का संयुक्त उपयोग मर्फी का कहना है कि इन दोनों का संयुक्त उपयोग बेहद प्रभावी हो सकता है उदाहरण के लिए यदि आर एसआई एक अधिक खरीदी ओवरबॉट स्थिति में है और स्टोका ओसिट भी एक ओवरबॉट क्षेत्र में पहुंच चुका है तो यह एक मजबूत संकेत हो सकता है कि बाजार में एक रिवर्सल होने वाला है जब इन दोनों संकेत कों का उपयोग एक साथ किया जाता है तो यह संकेतों को और अधिक सटीक और प्रभावी बना सकता है भावनात्मक पहलू इंडिकेटर्स और ओसिट के साथ एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण बात यह है कि यह बाजार के भावनाओं को समझने में मदद करते हैं बाजार में जब अत्यधिक खरीदारी हो रही होती है तो आमतौर पर एक उत्तेजना का माहौल होता है और जब अत्यधिक बिक्री हो रही होती है तो भय और असमंजस का वातावरण होता है इन संकेत कों का सही उपयोग आपको इन भावनाओं को समझने में मदद कर सकता है और आपको शांतिपूर्वक सटीक निर्णय लेने का अवसर देता है इंडिकेटर्स और ओसिट के दायरे में सीमाएं हालांकि यह टूल्स बहुत प्रभावी हैं लेकिन मर्फी यह भी बताते कि इनका उपयोग पूरी तरह से सटीक भविष्यवाणी के लिए नहीं किया जा सकता है कभी-कभी इन संकेत कों के आधार पर बाजार में गलत संकेत भी मिल सकते हैं इसलिए इनका उपयोग सावधानी से और अन्य तकनीकी विश्लेषण विधियों के साथ किया जाना चाहिए इंडिकेटर्स और ऑटर तकनीकी विश्लेषण में एक अनिवार्य और प्रभावी टूल के रूप में कार्य करते हैं इनका उपयोग करके आप बाजार की गति दबाव और संभावित परिवर्तन को सही तरीके से समझ सकते हैं जॉन जे मर्फी के अनुसार इन उपकरणों का सही संयोजन बाजार की गतिशीलता को समझने में निवेशकों को महत्त्वपूर्ण सहायता प्रदान कर सकता है और इसके माध्यम से आप अपने निवेश निर्णयों को बेहतर और प्रभावी बना सकते हैं 11 चार्ट पैटर्न बाजार के संकेत पहचानना चार्ट पैटर्न तकनीकी विश्लेषण का दिल होते हैं जॉन जे मर्फी ने अपनी पुस्तक टेक्निकल एनालिसिस ऑफ द फाइनेंशियल मार्केट्स में चार्ट पैटर्न को बाजार के मनोविज्ञान और भावनाओं को समझने का सबसे प्रभावी तरीका बताया है इन पैटर्स के जरिए बाजार की दिशा में संभावित बदलावों की भविष्यवाणी की जा सकती है हर पैटर्न बाजार के अंदर छिपे संदेशों को उजागर करता है और इन संकेतों को समझने में महारत हासिल करके आप बाजार की चाल को बेहतर तरीके से भांप सकते हैं चार्ट पैटर्स को मुख्य रूप से दो प्रकारों में बांटा जा सकता है वन रिवर्सल पैटर्स दूसरे कंटिन्यूएशन पैटर्स रिवर्सल पैटर्स जब बाजार बदलने वाला हो रिवर्सल पैटर्स बाजार में बदलाव का संकेत देते हैं यह बताते हैं कि मौजूदा ट्रेंड चाहे वह तेजी हो या मंदी अब खत्म होने वाला है और विपरीत दिशा में नया ट्रेंड शुरू हो सकता है सबसे लोकप्रिय रिवर्सल पैटर्स में शामिल है वन हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न यह सबसे भरोसेमंद रिवर्सल पैटर्न माना जाता है जब बाजार ऊंचाई पर पहुंचने के बाद हेड और कंधों के आकार का पैटर्न बनाता है तो यह दर्श ता है कि तेजी का ट्रेंड खत्म हो रहा है और मंदी का द्वार शुरू हो सकता है इसका उल्टा पैटर्न इनवर्टेड हेड एंड शोल्डर्स मंदी से तेजी में बदलाव का संकेत देता है दो डबल टॉप और डबल बॉटम डबल टॉप एक एम के आकार का पैटर्न है जो यह संकेत देता है कि बाजार की कीमतों में तेजी खत्म हो रही है इसके विपरीत डबल बॉटम एक डबल के आकार का पैटर्न है जो मंदी से तेजी में बदलाव का संकेत देता है कंटिन्यूएशन पैट जब बाजार अपनी दिशा बरकरार रखता है कंटिन्यूएशन पैटर्स यह संकेत देते हैं कि मौजूदा ट्रेंड जारी रहेगा यह बाजार की एक अस्थाई रुकावट को दर्शाते हैं जिसके बाद वही ट्रेंड दोबारा शुरू हो जाता है लोकप्रिय कंटिन्यूएशन पैटर्स में शामिल हैं वान फ्लैग्स और पेनेंट्स और पेनेंट्स तेजी और मंदी दोनों स्थितियों में दिखाई देते हैं जब बाजार तेजी से ऊपर या नीचे जाता है और फिर एक छोटे अंतराल पर रुकता है तो यह पैटर्न बनता है यह रुकावट मौजूदा ट्रेंड की पुष्टि करती है दो सिमिट्रिकल ट्रायंगल यह पैटर्न कीमतों की एक दिशा में मजबूत ब्रेकआउट का संकेत देता है यदि कीमत ऊपर की ओर टूटती है तो यह तेजी का संकेत है और नीचे की ओर टूटने पर मंदी का चार्ट पैटर्स को समझने की कला मर्फी कहते हैं कि चार्ट पैटर्न बाजार की भाषा है यदि आप इन पैटर्स को पढ़ने में सक्षम है तो आप बाजार की भावनाओं और उसकी अगली चाल को समझ सकते हैं उदाहरण के तौर पर यदि एक फ्लैग पैटर्न बनता है तो यह बाजार में विश्राम पॉज का संकेत हो सकता है इसका मतलब है कि बाजार दिशा बदलने के बजाय अपनी गति को बरकरार रखेगा चार्ट पैटर्न और भावनाएं चार्ट पैटर्स केवल तकनीकी उपकरण नहीं है यह बाजार के प्रतिभागियों की भावनाओं और मनोविज्ञान का प्रतिबिंब है हेड एंड शोल्डर्स पैटर्न उदाहरण के लिए इस बात को दर्शाता है कि निवेशकों का आत्मविश्वास धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है डबल टॉप दिखाता है कि खरीदार अब ऊंची कीमतों पर खरीदने से हिचक रहे हैं इन भावनाओं को समझकर आप अपने फैसलों में भावनात्मक स्थिरता ला सकते हैं सीमाएं और सावधानियां मर्फी यह भी बताते हैं कि चार्ट पैटर्स में गलत संकेत फॉल्स सिग्नल्स मिलने की संभावना रहती है उदाहरण के लिए एक ब्रेकआउट शुरू में वास्तविक लग सकता है लेकिन बाद में यह एक फेल्ड ब्रेकआउट बन सकता है इसलिए चार्ट पैटर्स का उपयोग अन्य तकनीकी संकेत के साथ करना चाहिए चार्ट पैटर्न तकनीकी विश्लेषण में एक शक्तिशाली उपकरण है यह ना केवल बाजार की मौजूदा स्थिति का संकेत देते हैं बल्कि यह भी बताते हैं कि भविष्य में क्या हो सकता है जॉन जे मर्फी कहते हैं कि यदि आप चार्ट पैटर्न को सही तरीके से पढ़ना सीख  जाते हैं तो आप बाजार में हो रहे बदलावों को पहले ही पहचान सकते हैं लेकिन इनका उपयोग करते समय धैर्य अनुभव और अन्य संकेत कों का सहारा लेना बेहद जरूरी है 12 वॉल्यूम और खुला ब्याज बाजार की गहराई को समझना जॉन जे मर्फी की पुस्तक टेक्निकल एनालिसिस ऑफ द फाइनेंशियल मार्केट्स में वॉल्यूम और खुला ब्याज ओपन इंटरेस्ट को तकनीकी विश्लेषण का आधारभूत स्तंभ बताया गया है यह केवल कीमतों की दिशा देखने तक सीमित नहीं है बल्कि बाजार में चल रही गतिविधियों की गहराई और ताकत को समझने का एक अहम तरीका है वॉल्यूम और खुला ब्याज आपको यह बताने में मदद करते हैं कि किसी वि मूल्य स्तर पर बाजार के प्रतिभागी कितना गंभीरता से लेनदेन कर रहे हैं वॉल्यूम बाजार में रुचि और विश्वास का प्रतिबिंब वॉल्यूम का मतलब है कि किसी विशेष अवधि में कितने शेयर कांट्रैक्ट या अन्य एसेट्स का व्यापार हुआ यह बाजार के स्वास्थ्य और ताकत का सीधा संकेत देता है मर्फी कहते हैं वॉल्यूम कीमत की पुष्टि करता है इसका मतलब है कि जब किसी ट्रेंड के साथ वॉल्यूम बढ़ता है तो वह ट्रेंड मजबूत होता है उदाहरण के लिए लिए एक तेजी बुलिश मार्केट जब बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ती हैं और वॉल्यूम भी अधिक होता है तो यह दर्शाता है कि खरीदार इस दिशा में आत्मविश्वास से बढ़ रहे हैं दो मंदी बेरिश मार्केट अगर कीमतें गिर रही हैं और वॉल्यूम बढ़ रहा है तो यह बाजार में बेचने वालों की ताकत को दर्शाता है तीन वॉल्यूम की गिरावट यदि वॉल्यूम गिरता है और कीमतें बढ़ रही हैं तो यह दर्शाता है कि ट्रेंड कमजोर पड़ सकता है मर्फी के अनुसार वॉल्यूम को नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है खुला ब्याज डेरिवेटिव बाजार की गहराई का मापक खुला ब्याज डेरिवेटिव बाजार में उन कांट्रैक्ट्स की कुल संख्या को दर्शाता है जो अब तक खत्म नहीं हुए हैं या उनका निपटारा नहीं हुआ है यह बाजार में नए निवेशकों की रुचि और बाजार की तरलता को मापने का एक शक्तिशाली तरीका है एक खुला ब्याज और ट्रेंड यदि किसी बढ़ती कीमत के साथ खुला ब्याज भी बढ़ रहा है तो यह दर्शाता है कि तेजी का ट्रेंड मजबूत है लेकिन यदि खुला ब्याज घट रहा है तो यह दर्शाता है कि मौजूदा ट्रेंड कमजोर हो सकता है दो मंदी और खुला ब्याज जब कीमतें गिरती हैं और खुला ब्याज बढ़ता है तो यह मंदी की ताकत को दर्शाता है इसके विपरीत अगर कीमतों के साथ खुला ब्याज गिरता है तो यह दर्शाता है कि बाजार जल्द स्थिर हो सकता है वॉल्यूम और खुले ब्याज का तालमेल वॉल्यूम और खुला ब्याज दोनों को मिलाकर देखा जाए तो बाजार की सटीक स्थिति का आकलन  किया जा सकता है उदाहरण के लिए जब बाजार में वॉल्यूम और खुला ब्याज दोनों बढ़ते हैं तो यह संकेत देता है कि बाजार में नई स्थिति पोजीशंस बन रही है अगर वॉल्यूम और खुला ब्याज दोनों घटते हैं तो यह संकेत देता है कि बाजार में निवेशकों की रुचि कम हो रही है भावनाओं और व्यवहार का प्रतिबिंब मर्फी बताते हैं कि वॉल्यूम और खुला ब्याज बाजार के प्रतिभागियों की भावनाओं का सटीक प्रतिबिंब है जब निवेशक किसी विशेष ट्रेंड में अधिक विश् करते हैं तो वॉल्यूम और खुला ब्याज दोनों बढ़ते हैं यह उनकी आशा भय और आत्मविश्वास का स्पष्ट संकेत है सावधानियां और सीमाएं हालांकि  वॉल्यूम और खुला ब्याज बहुत उपयोगी संकेतक हैं लेकिन इन्हें अकेले इस्तेमाल करना जोखिम भरा हो सकता है बाजार में कभी-कभी वॉल्यूम और खुला ब्याज भ्रामक संकेत दे सकते हैं उदाहरण के लिए कभी-कभी वॉल्यूम में अचानक वृद्धि सट्टेबाजी या बाहरी घटनाओं के कारण हो सकती है जो वास्तविक ट्रेंड का संकेत नहीं देती वॉल्यूम और खुला ब्याज बाजार में छिपी गहराइयों को समझने के लिए अद्भुत उपकरण है जॉन जे मर्फी की यह शिक्षा हमें सिखाती है कि यदि आप बाजार के इन दो महत्त्वपूर्ण तत्त्वों को सही से समझते हैं तो आप ना केवल ट्रेंड को पहचान सकते हैं बल्कि यह भी समझ सकते  हैं कि यह ट्रेंड कितनी दूर तक जा सकता है यह तकनीकी विश्लेषण को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में आपकी मदद करता है तो दोस्तों अब आपने टेक्निकल एनालिसिस ऑफ द फाइनेंशियल मार्केट्स की गहराई को समझ लिया है हमने जाना कि बाजार की हर चाल हर संकेत और हर भावनात्मक उतार चढ़ाव को समझने के लिए तकनीकी विश्लेषण कितनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है यह सिर्फ एक किताब नहीं बल्कि एक ऐसी मार्गदर्शिका है जो आपको बाजार के भीतर छिपे अवसरों और जोखिमों को पहचानने में मदद करती है अगर आपने इस समरी को ध्यान से सुना है तो अब आप एक बेहतर निवेशक बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ चुके हैं तकनीकी विश्लेषण को समझना और इसका सही इस्तेमाल करना आपको ना केवल व्यापारिक फैसलों में आत्मविश्वास देगा बल्कि आपके निवेश को भी सुरक्षित और लाभकारी बनाएगा 

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धन्यवाद और शुभकामनाएं 

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