2. जोखिम प्रबंधन: उचित जोखिम प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्टॉप लॉस का प्रयोग करके संभावित नुकसान को सीमित करना चाहिए और बड़े लॉट साइज़ से बचना चाहिए। पिछली गलतियों से सीखना और उन्हें दोहराने से बचना चाहिए।
3. यथार्थवादी अपेक्षाएँ: अवास्तविक लक्ष्य रखने से बचना चाहिए। जोखिम-इनाम अनुपात (1:2 या 1:1.5) को समझना और प्राप्त करने योग्य लक्ष्य निर्धारित करना ज़रूरी है। उचित स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट स्तर निर्धारित करने से भावनात्मक निर्णयों से बचा जा सकता है।
4. व्यापारिक योजना को बनाए रखना और अपडेट करना: बाजार की स्थिति में बदलाव के अनुसार अपनी व्यापारिक योजना को नियमित रूप से अपडेट करना आवश्यक है। मौजूदा बाज़ार की परिस्थितियों, समाचारों और औसत सच्ची रेंज (ATR) जैसे कारकों पर ध्यान देना चाहिए।
5. विराम लेना और मेंटरशिप लेना: विराम लेना और अपने व्यापारिक कौशल में सुधार के लिए एक मेंटर से मार्गदर्शन लेना महत्वपूर्ण है।
संक्षेप में, ट्रेडिंग में नुकसान से उबरने और लगातार लाभ कमाने के लिए अनुशासन, जोखिम प्रबंधन, यथार्थवादी अपेक्षाएँ और निरंतर सीखने पर ध्यान देना चाहिए।